अमर पंक्तियाँ
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5 months ago
कितने गम हैं बता नही सकता कितना दुख है जता नही सकता सुन के रोने लगेगी एक लड़की दर्द गीतों में गा नही सकता तेरे तोहफ़े समझ के रखे हैं अपने आंसू बहा नही सकता मेरी दुनिया ही लूट ली उसने अब मैं महफ़िल सजा नही सकता कवि विनय आनंद.. ✍️ मोहम्मदी खीरी उ. प्र. 📞7309241250 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #💝 शायराना इश्क़ #💓 मोहब्बत दिल से