क्या आपने कभी सोचा है कि अज़ान की गूंज हमारे शरीर की प्राकृतिक लय को कैसे प्रभावित करती है? 🌅🔊 विज्ञान बताता है कि मानव कान 20Hz से 20kHz तक की आवृत्ति सुन सकता है, इसलिए मीनार से उठती 500Hz–1.5kHz की ध्वनि लहरें फज्र के वक्त इनर बायोलॉजिकल क्लॉक को रीसेट करती हैं, जिसमें कोर्टिसोल रिलीज़ स्वाभाविक रूप से बढ़ता है🧠💡। "जैसे सूरज की पहली किरण अँधकार को चीर देती है, वैसे ही बिलाल इब्न राबाह की आवाज ने दिलों में इमान जगाई"🕊️। जब अजान लाउडस्पीकर के बहाने noise pollution बन जाए🚫, तो हम उस सार्थक उद्देश्य का अपमान करते हैं; असली मकसद है आत्मा को जगाना❤️🕌। #अज़ान #Adhan #SoundScience #SpiritualWakeUp @अज़ाम@अज़ाद@अज़य@अजिन@अजमाल निनामा ##14सौ साल पहले जब अज़ान सुनाई देती थी#अज़ान की आवाज़ सुन के जानवर भी खामुश्#अज़ान#अज़ान (चौबीस घंटे) होती है#सब से प्यारी आवाज़ अज़ान की है