माता दुर्गा को प्रसन्न करने के लिये उनके मूल मंत्र का जाप करना अनिवार्य होता है जिसकी जानकारी इस धरती पर पूर्ण संत प्रदान करता है। पूर्ण संत यानी तत्वदर्शी संत जो भक्ति विधि और मर्यादाएं बताता है उन पर चलने और भक्ति करने से दुर्गा माता एवं अन्य देवी देवताओं तथा ब्रह्मा, विष्णु, महेश को आसानी से प्रसन्न किया जा सकता है।
📯पूर्ण परमात्मा की जानकारी तत्वदर्शी संत बता सकते हैं जो स्वंय पूर्ण परमात्मा ही होता है। देवी भागवत महापुराण में देवी जी यानि दुर्गा जी अपने से अन्य किसी और भगवान की भक्ति करने के लिये कहती हैं।
अधिक जानकारी के लिए अवश्य पढ़ें ज्ञान गंगा।
📯श्रीमद्देवीभागवत पुराण के सातवें स्कन्ध, अध्याय 36 में "देवी दुर्गा जी हिमालय राजा को ज्ञान उपदेश करते हुए कहती हैं कि ब्रह्म की भक्ति करो"। उस ब्रह्म की जानकारी के लिए अवश्य पढ़ें ज्ञान गंगा।
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