[17/08, 12:25] मेटा एआई: जहर वीर गोगा जी, जिन्हें गोगाजी के नाम से भी जाना जाता है, उत्तरी भारत में विशेष रूप से राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में एक पूजनीय लोक देवता हैं। उन्हें एक योद्धा-नायक, संत और सांप के काटने से बचाने वाला माना जाता है। यहाँ उनके इतिहास का संक्षिप्त विवरण दिया गया है:
जन्म और वंश
- राजस्थान के चुरू जिले के ददरेवा गांव में लगभग 900-1003 ईस्वी में पैदा हुए
- राजपूतों के चौहान कबीले के थे, उनके पिता का नाम राजा जेवर सिंह और माता रानी बाचल डे था
- उनके गुरु गुरु गोरखनाथ थे, जिन्होंने अपनी मां को 'गुगल' फल का आशीर्वाद दिया, जिससे उनका नामकरण हुआ
राज्य और विरासत
- हरियाणा में हिसार के पास ददरेवा से हांसी तक फैले बगड़ देडगा राज्य पर शासन किया
- आक्रमणकारियों के खिलाफ लड़ाई लड़ी और पृथ्वीराज चौहान और हम्मीरदेव के समान अन्य उत्तर भारतीय शासकों के साथ युद्ध किया
- उनके वंशजों ने उनकी मां के नाम पर बाचल राजपूत नाम अपनाया
पूजा और महत्व
- सर्प-देवता, गाय-रक्षक, मुस्लिम पीर और नाथपंधी जोगी के रूप में पूजा की जाती है
- कृषि समुदायों के बीच लोकप्रिय, जो सर्पदंश से डरते हैं और उसकी सुरक्षा चाहते हैं
- कई मुस्लिम भक्त हैं, जो उनकी समावेशी विरासत का प्रदर्शन करते हैं
- उनके मंदिर मारवाड़ में खेजरी वृक्ष से जुड़े हुए हैं, और उनके पास दादारेवा और गोगामेड़ी में प्रमुख मंदिर हैं
त्यौहार और समारोह
- गोगा नवमी भाद्रपद (अगस्त-सितंबर) के हिंदू महीने में कृष्ण पक्ष के नौवें दिन मनाई जाती है
- भक्त सांप के साथ नृत्य करते हैं, जहर वीर गोगा जी की शक्तियों में अपनी श्रद्धा और विश्वास दिखाते हैं
श्री जाहर वीर गोगा जी नवमी की हार्दिक शुभकामनाये 🚩🚩🚩
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