स्वामी हरिदास संगीत एवं नृत्य महोत्सव-2025
कान्हा दर्शन की चाहत की, आशा हैं राधे-राधे ।
यानी भक्तों की भावुक, अभिलाषा हैं राधे-राधे ॥
ज्ञानी-ध्यानी योगी साधक, खोज रहे राधा हैं क्या,
एक अलौकिक दिव्य प्रेम, परिभाषा हैं राधे-राधे ॥
- मनवीर मधुर
योग-योगेश्वरी माँ राधा के प्राकट्योत्सव दिवस ‘राधाष्टमी’ एवं संगीत शिरोमणि स्वामी हरिदास जी की जयंती के पावन अवसर पर मंगलकामनाओं सहित आयोजित ‘स्वामी हरिदास संगीत एवं नृत्य महोत्सव-2025’ वृन्दावन में आप सभी काव्यप्रेमियों की उपस्थिति की आकांक्षा में । 💐💐💐💐💐💐💐💐
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