INSTALL
Pawan
676 views
•
5 months ago
( व्यथित मन ) जिन्दगी बोझ सी लगती है जीना कठीन हो गया है इच्छाये मर चुकी हैं सब चाह कुछ भी नहीं है अब व्यथित मन को सम्हाले फिरता हूँ कहू तो किस्से कहू किस्सा यहाँ है कौन अपना अजनबी लोग रहते है जो जिन्दो पर हस्ते हैं मुर्दो पर रोते है ... किसे कहू मै दुःख दर्द अपना #कविता
15
17
Comment

More like this

Mahendra Narayan
#कविता
60
79
🌷परमेश्वर मेंढे 🌷 कविता 🌷
#कविता
12
8
Mahendra Narayan
#✍मेरे पसंदीदा लेखक
14
13
कवि सुमित मानधना 'गौरव' ( "कुछ मेरी कलम से ")
#📚कविता-कहानी संग्रह
11
12
Mahendra Narayan
#📚कविता-कहानी संग्रह
11
16
उषा कुमारी
#कविता
14
14
उषा कुमारी
#कविता
11
15
New Era
#कविता
15
13
🌷परमेश्वर मेंढे 🌷 कविता 🌷
#कविता
10
16
-Shiv shakti
#कविता
381
611