Pradum Kadam
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होने थे जितने खेल मुक़द्दर के हो गए हम टूटी नाव ले के समंदर के हो गए ख़ुशबू हमारे हाथ को छूकर गुज़र गई हम फूल सबको बाट के पत्थर के हो गए | #🏞 निसर्ग सौंदर्य 🏞 #🥰प्रेम कविता📝 #🌸फुलांचे वॉलपेपर #🌻फुलांचे फोटो