*पैसा वही है, जो पास में है ताक़त वही है, जो हाथ
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1 days ago
*┈┉┅━❀।।ੴ।।❀━┅┉┈* *सतिनामु श्री वाहिगुरू* 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 *_꧁♡गुरू घर की साखियां♡꧂_* *धंन श्री गुरू नानक देव जी* *धंन श्री गुरू हरि गोबिंद साहिब जी* 🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸 .*🌷जंमिआ पूतु भगतु गोविंद का🌷* *धंन श्री गुरू हरिगोबिन्द साहिब जी के प्रकाश पुरब (30 जून 2026) को समर्पित* ---------------------------------- *🌹भाग 7🌹* - *कारजु सतिगुरि आपि सवारिआ ।।* *वडी आरजा हरि गोबिन्द की* *सूख मंगल कलिआण बीचारीआ ।।* भाई गुरदास जी भी अपनी बाणी में फरमाते हैं:- - *पंजि पिआले पंज पीर* *छठमु पीरु बैठा गुरु भारी ।।* *अरजन काइआ पलटिकै* *मूरति हरिगोबिन्द सवारी।।* *दल भंजन गुरु सूरमा वड जोधा बहु परउपकारी ।।* श्री गुरू हरि गोबिंद साहिब जी ने अपने जीवनकाल में कई काम किए जैसे कि :- *–गुरबाणी को अधिकतम प्रचारित करना,* *–अकाल तख्त बनाना ,जहां हर व्यक्ति को न्याय दिया गया ।* *–52 राजाओं को जहांगीर के कैदखाने (ग्वालियर) से छुड़वाकर बंदी छोड़ दाता कहलाए ।* *–उन्होंने अपने जीवनकाल में (ज़ुल्म को मिटाने के लिए) 4 लड़ाइयां भी लड़ीं।* ( सभी युद्ध जीते गए) *–तथा परउपकार के बेअंत कार्य किए ।* उन्होंने सिख पंथ को एक नया मोड़ दिया , उस समय के पीरों और फकीरों ने भी इस बात का खूब विरोध किया था कि आप गुरु रहते हुए अपने पास हथियार कैसे रख सकते हैं, लेकिन गुरु जी ने उन सभी को पूरी सहजता से जवाब दिया और जीवन भर जुल्म और झूठ के खिलाफ लड़ते रहे और गुरुबाणी का संदेश पूरी दुनिया में फैलाते रहे। इस तरह गुरू साहिब ने अपने जीवन में कई काम किए हैं, उनकी याद में कई गुरुद्वारे भी बनाए गए हैं, और उनके सिद्धांतों को सिख आज भी मानते हैं ।* 🙏 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 इतनी सेवा परवान कीजिये , अगली हाजरी में (कल) पढ़ेंगे गुरू घर से जुड़ी एक और साखी। प्यार से कहिये *धंन श्री गुरू नानक देव जी* *धंन श्री गुरू अर्जुन देव साहिब जी* *धंन श्री गुरू हरिगोबिंद साहिब जी* *🙏भूल चुक की क्षमा🙏* 🌸🌸🌸🌸🌸🌸 #🙏ਸਤਿਨਾਮ ਵਾਹਿਗੁਰੂ 🙏 #🙏 ਸ਼ੁਕਰ ਦਾਤਿਆ