*ये श्लोक = "राजा बनाने वाला महायोग"*
_स्वोच्चेऽपि भूमितनयः पृथिवीश्वरस्य जन्मप्रदः सकललोकनमस्कृतस्य_
*हिंदी में मतलब:*
अगर कुंडली में *सिंह लग्न हो + सूर्य सिंह में + चंद्र मेष में + शनि कुंभ में + मंगल मकर में* हो तो जातक ऐसा राजा बनता है जिसे सारी दुनिया सिर झुकाकर प्रणाम करे।
*तोड़ के समझो - 4 ग्रह स्वराशि/उच्च में = महापुरुष योग*
ग्रह स्थिति ताकत रिजल्ट
**सूर्य** सिंह लग्न में स्वराशि + लग्नेश लग्न में आत्मबल, राजा जैसा तेज, सरकार से लाभ। बाप-दादा का नाम।
**चंद्र** मेष में मित्र राशि, मंगल के घर तेज दिमाग, तुरंत निर्णय, जनता को लीड करने की क्षमता। मन का राजा।
**शनि** कुंभ में स्वराशि + मूलत्रिकोण नौकर-चाकर, जनता, लेबर सब साथ। धीमा पर पक्का। 60 के बाद भी राज।
**मंगल** मकर में उच्च का पराक्रम, पुलिस, सेना, जमीन। दुश्मन कांपे। हिम्मत 100%।
*योग क्यों इतना तगड़ा:*
1. *लग्नेश सूर्य लग्न में* = लग्न बलवान। शरीर, नाम, आत्मा सब स्ट्रॉन्ग। "लग्न बली तो सब बली"।
2. *मंगल उच्च = रुचक महापुरुष योग* → 5 महापुरुष योग में से एक। सेना का कमांडर, पुलिस चीफ, नेता।
3. *शनि स्वराशि = शश महापुरुष योग* → दूसरा महापुरुष योग। जनता का मसीहा, लंबी उम्र, धीरज।
4. *सूर्य + मंगल = राजयोग* → सरकार + पराक्रम। सीधा मुख्यमंत्री/PM वाली फील्ड।
5. *चंद्र मेष में* = चंद्र-मंगल योग। दिमाग गर्म पर बिजनेस/युद्ध में तेज। पैसा कमाने की भूख।
*4 में से 2 महापुरुष योग एक साथ = गारंटी राजयोग*
ऊपर से लग्नेश भी स्वराशि। मतलब लग्न, चंद्र, सूर्य, मंगल, शनि - 5 पिलर एकदम खड़े हैं।
*प्रैक्टिकल:*
इस योग वाला आदमी गरीब घर में भी पैदा हो तो 35 साल तक राजा बन जाए। राजनीति, सेना, प्रशासन, बिजनेस में टॉप। मोदी जी की कुंडली में वृश्चिक लग्न है पर मंगल-चंद्र-सूर्य का ऐसा ही खेल है।
*शर्त:*
1. राहु-केतु इन 4 ग्रहों के साथ न हो।
2. 6-8-12 में न फंसे।
3. गुरु की दृष्टि हो तो सोने पे सुहागा।
*सार:* ये श्लोक बताता है कि *सूर्य-मंगल-शनि* तीनों ताकतवर हों + *चंद्र* सपोर्ट करे = बंदा इतिहास बनाता है। दुनिया झुकती है।
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