#GodMorningSunday
तत्वज्ञान
गरीब, हम पशुवा जन जीव है, सतगुरु जात भिरंग।
मुर्दे सै जिन्दा करै, पलट धरत है अंग।।
भक्ति का ज्ञान न होने के कारण हम तो पशु के तुल्य जीवन जी रहे थे। सतगुरु जी ने बार-बार सत्संग सुनाकर अपने जैसे बना लिए। हम मुद्दों जैसा जीवन जी रहे थे। जीवन में कोई उत्साह नहीं था।
#jagatguru santrampal ji mahraj