Sukhbir Das
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15 hours ago
#GodMorningSunday तत्वज्ञान गरीब, हम पशुवा जन जीव है, सतगुरु जात भिरंग। मुर्दे सै जिन्दा करै, पलट धरत है अंग।। भक्ति का ज्ञान न होने के कारण हम तो पशु के तुल्य जीवन जी रहे थे। सतगुरु जी ने बार-बार सत्संग सुनाकर अपने जैसे बना लिए। हम मुद्दों जैसा जीवन जी रहे थे। जीवन में कोई उत्साह नहीं था। #jagatguru santrampal ji mahraj