"एकदन्त संकष्टी चतुर्थी"
"चतुर्थी के दिन विघ्नहर्ता श्रीगणेश जी की विधि-विधान से पूजा अर्चना की जाती है और विधिपूर्वक व्रत किया जाता है। ज्येष्ठ मास में पड़ने वाले इस पर्व को एकदन्त संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है। इस दिन ॐ गं गणपतये नमः मंत्र का 108 बार जप करना चाहिए।"
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