Surya M Shriwastav
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16 hours ago
प्रस्तावना कुछ कहानियां लिखी नहीं जातीं… धीरे-धीरे जी जाती हैं। “आधा इंट्रोवर्ट” ऐसी ही एक कहानी है। ये किसी hero की कहानी नहीं है। ये एक बिल्कुल साधारण लड़के की कहानी है — जो class में बहुत कम बोलता था, feelings छुपाकर रखता था, और हर रात अपनी ही सोचों में उलझ जाता था। शायद इस दुनिया में ऐसे लाखों लोग हैं। जो किसी को बहुत चाहते हैं… लेकिन कह नहीं पाते। जो हर रोज किसी का इंतजार करते हैं… लेकिन कभी जताते नहीं। जो बाहर से सामान्य दिखते हैं… लेकिन अंदर पूरी-पूरी बातें सिर्फ अपनी diary से करते हैं। ये किताब उन्हीं लोगों के लिए है। इस कहानी में आपको बड़े-बड़े twists नहीं मिलेंगे। न ही फिल्मी dialogues। क्योंकि असली जिंदगी में प्यार अक्सर बहुत शांत होता है। वो lunch break की छोटी बातों में छुपा होता है। Coaching जाते रास्तों में। Board exams की tension में। Practical files के पीछे लिखी lines में। और उन goodbye में… जहां इंसान सबसे ज्यादा कहना चाहता है लेकिन चुप रह जाता है। शायद यही वजह है कि इस कहानी के कई हिस्से इतने वास्तविक महसूस होंगे। क्योंकि “आधा इंट्रोवर्ट” सिर्फ कल्पना से नहीं बनी। इसके कई emotions, moments और खामोशियां वास्तविक एहसासों से प्रेरित हैं। हो सकता है कहानी का हर दृश्य पूरी तरह सच न हो… लेकिन इसमें महसूस किया गया अकेलापन, इंतजार और अधूरापन बिल्कुल सच्चा है। आरव और सादिया की कहानी शायद अधूरी है। लेकिन शायद हर खूबसूरत चीज पूरी होना जरूरी भी नहीं होती। कभी-कभी अधूरी चीजें ही इंसान के साथ सबसे लंबे समय तक रहती हैं। अगर इस किताब को पढ़ते वक्त आपको अपनी school life याद आए… कोई पुराना नाम याद आए… या रात के किसी शांत पल में दिल थोड़ा भारी लगे… तो समझिएगा, ये कहानी सिर्फ मेरी नहीं रही। ये आपकी भी बन चुकी है। - सूर्य एम. श्रीवास्तव #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #💓 मोहब्बत दिल से #💝 शायराना इश्क़ #episodic #🌞 Good Morning🌞