❣️𝑲𝒖𝒎𝒂𝒓💞 𝑹𝒂𝒖𝒏𝒂𝒌💞 𝑲𝒂𝒔𝒉𝒚𝒂𝒑❣️
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16 hours ago
महर्षि जमदग्नि की पत्नी माता रेणुका के तपोबल में तब बाधा आई, जब गंधर्वों को देख उनका मन क्षण भर के लिए विचलित हो गया। इस मानसिक विचलन के कारण उनका सिद्ध जल-पात्र टूट गया। क्रोधवश ऋषि जमदग्नि ने अपने पुत्रों को माता के वध का आदेश दिया। चार पुत्रों के मना करने पर वे पत्थर के हो गए, किंतु सबसे छोटे पुत्र परशुराम ने पितृ-आज्ञा को धर्म मानकर माता का वध कर दिया। पिता के प्रसन्न होने पर परशुराम जी ने वरदान में माता और भाइयों का जीवन पुनः मांग लिया, जिससे वे जीवित तो हो गए, किंतु मातृ-हत्या के सूक्ष्म पाप स्वरूप उनका फरसा (कुल्हाड़ी) उनके हाथों से चिपक गया। वर्षों तक अनेक तीर्थों में भटकने के बाद, जब वे अरुणाचल प्रदेश की पहाड़ियों में स्थित लोहित नदी के तट पर पहुंचे और उस पवित्र कुंड में स्नान किया, तब वह फरसा उनके हाथों से अलग हुआ। यही स्थान आज परशुराम कुंड के नाम से विख्यात है, जो हमें सिखाता है कि धर्म का मार्ग अत्यंत कठिन है, परंतु सच्ची भक्ति और प्रायश्चित से हर पाप का शमन संभव है। ।। ॐ नमः शिवाय ।। ।। हर हर महादेव ।। . !! जय जय श्री महाकाल !! ➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ ऐसी ही अनेकानेक पोस्ट पाने के लिये हमारे फेसबुक पेज ‘शिव पुराण ’ को फॉलो और लाईक करें हमारा पेज का लिंक हमारी फेसबुक पर देखें। फेसबुक लिंक– https://www.facebook.com/share/16z3CgT2xK/ #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🌺राधा कृष्ण💞 #👏भगवान विष्णु😇 #🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏 https://www.facebook.com/share/17k2bcrKp8/