💞🌼🌲💫❤मेरे कान्हा ❤💫🌲🌼💞
💫🌲*एक तरसी हुई निगाह इशारे मे कह गई..🌲💫
❤🌼 *दिल ले गये हो आप,,,मेरे कान्हा🌼 ❤
‼️🌼‼️बस जान रह गई...!‼️🌼‼️
💞🌼प्रेम कोई भावना नहीं है,
यह तुम्हारा स्वभाव है।
जब तुम प्रेम में होते हो,
तब तुम मांगते नहीं...
तुम स्वयं प्रसाद बन जाते हो।🌼💫🌲
मंदिरों में जो प्रसाद मिलता है,
वह बाहर से आता है।
लेकिन प्रेम का प्रसाद भीतर से फूटता हैऔर जो भीतर से आता है,
वही सत्य है,
वही दिव्य है।💫☘️💞
लोग भगवान को ढूंढते हैं पत्थरों में,
शब्दों में,
विधियों में...
पर जिसने प्रेम को जान लिया,
उसने पाया-भगवान
कोई व्यक्ति नहीं,
एक अनुभव है...
और वह अनुभव प्रेम है।❤💫🌼☘️
इसलिए प्रेम से बड़ा कोई प्रसाद नहीं,
क्योंकि इसमें देने वाला भी मिट जाता है,
पाने वाला भी...
और जो शेष बचता है,
वही प्रेम है।🌼💞💫💞🌼
#👏भगवान विष्णु😇 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇