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17 days ago
#माझी पहिली पोस्ट ✌ # नाम-जप की महिमा 1 करोड़ से 13 करोड़ नाम-जप के फल 1 करोड़ नाम-जप * शरीर शुद्ध और निष्पाप होने लगता है * रोगों के पाप-बीज नष्ट होने लगते हैं * भजन में मन लगने लगता है * रजोगुण-तमोगुण कम होकर सत्त्वगुण बढ़ता है * स्वप्न में संत, देवता, ऋषि दर्शन दे सकते हैं 2 करोड़ नाम-जप * निर्धनता और अभाव दूर होने लगते हैं * घर में सुख-समृद्धि आने लगती है * धन की चिंता कम हो जाती है * दैन्यता और दुःख घटने लगते हैं 3 करोड़ नाम-जप * अंतःकरण पवित्र होने लगता है * संसार प्रेम और सम्मान देने लगता है * कठिन कार्य भी सरल होने लगते हैं * इच्छाशक्ति और पराक्रम बढ़ता है 4 करोड़ नाम-जप * हृदय में भगवद्-आनंद प्रकट होने लगता है * नित्य आत्मस्वरूप का बोध होने लगता है * मानसिक, शारीरिक और वाणी के दुःख दूर होते हैं * मान-अपमान, सुख-दुःख का असर कम हो जाता है 5 करोड़ नाम-जप * ज्ञान और विद्या का उदय होता है * इच्छाएँ पूर्ण होने लगती हैं * शास्त्रों का गहरा ज्ञान प्राप्त होने लगता है * बुद्धि तेज और प्रभावशाली बनती है 6 करोड़ नाम-जप * काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद, मत्सर पर विजय * असाध्य रोग भी शांत होने लगते हैं * भीतर दिव्य शक्ति का अनुभव होता है * मन अत्यंत स्थिर और आनंदमय हो जाता है 7 करोड़ नाम-जप * काम-विकार समाप्त होने लगते हैं * नाम में गहरा प्रेम और डूबाव आता है * महापुरुषों और संतों का अनुभव होने लगता है * कोई भी मोह आकर्षित नहीं कर पाता 8 करोड़ नाम-जप * मृत्यु का भय समाप्त होने लगता है * साधक आत्मस्वरूप में स्थित होने लगता है * पूर्ण आत्मज्ञान की अवस्था आने लगती है * अकाल मृत्यु का नाश बताया गया है 9 करोड़ नाम-जप * भगवान के सगुण स्वरूप का साक्षात्कार * वाणी सिद्ध होने लगती है * नाम के अधिष्ठाता देव प्रकट हो सकते हैं * अपार दिव्य आनंद प्राप्त होता है 10 करोड़ नाम-जप * संचित कर्म और पाप भस्म होने लगते हैं * जन्म-मरण से मुक्ति की अवस्था निकट आती है * हृदय में निरंतर भगवद्-आनंद रहता है * प्रारब्ध सहने की शक्ति आती है 11 करोड़ नाम-जप * सभी सिद्धियाँ और आध्यात्मिक अवस्थाएँ प्राप्त होने लगती हैं * योग, भक्ति और ज्ञान की ऊँची भूमिकाएँ खुलती हैं * साधक हर प्रकार से पूर्णता की ओर बढ़ता है * दिव्य लीलाओं का अनुभव होने लगता है 12 करोड़ नाम-जप * भगवान साधक के अधीन जैसे हो जाते हैं * साधक अत्यंत उच्च भक्ति अवस्था में पहुँच जाता है * हर समय दिव्य कृपा का अनुभव होता है 13 करोड़ नाम-जप * मोक्ष देने की सामर्थ्य बताई गई है * भगवान के साथ अखंड एकत्व की अवस्था कही गई है * नाम ही जीवन बन जाता है * साधक पूर्ण कृपा और सिद्धि को प्राप्त करता है