#माझी पहिली पोस्ट ✌ # नाम-जप की महिमा
1 करोड़ से 13 करोड़ नाम-जप के फल
1 करोड़ नाम-जप
* शरीर शुद्ध और निष्पाप होने लगता है
* रोगों के पाप-बीज नष्ट होने लगते हैं
* भजन में मन लगने लगता है
* रजोगुण-तमोगुण कम होकर सत्त्वगुण बढ़ता है
* स्वप्न में संत, देवता, ऋषि दर्शन दे सकते हैं
2 करोड़ नाम-जप
* निर्धनता और अभाव दूर होने लगते हैं
* घर में सुख-समृद्धि आने लगती है
* धन की चिंता कम हो जाती है
* दैन्यता और दुःख घटने लगते हैं
3 करोड़ नाम-जप
* अंतःकरण पवित्र होने लगता है
* संसार प्रेम और सम्मान देने लगता है
* कठिन कार्य भी सरल होने लगते हैं
* इच्छाशक्ति और पराक्रम बढ़ता है
4 करोड़ नाम-जप
* हृदय में भगवद्-आनंद प्रकट होने लगता है
* नित्य आत्मस्वरूप का बोध होने लगता है
* मानसिक, शारीरिक और वाणी के दुःख दूर होते हैं
* मान-अपमान, सुख-दुःख का असर कम हो जाता है
5 करोड़ नाम-जप
* ज्ञान और विद्या का उदय होता है
* इच्छाएँ पूर्ण होने लगती हैं
* शास्त्रों का गहरा ज्ञान प्राप्त होने लगता है
* बुद्धि तेज और प्रभावशाली बनती है
6 करोड़ नाम-जप
* काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद, मत्सर पर विजय
* असाध्य रोग भी शांत होने लगते हैं
* भीतर दिव्य शक्ति का अनुभव होता है
* मन अत्यंत स्थिर और आनंदमय हो जाता है
7 करोड़ नाम-जप
* काम-विकार समाप्त होने लगते हैं
* नाम में गहरा प्रेम और डूबाव आता है
* महापुरुषों और संतों का अनुभव होने लगता है
* कोई भी मोह आकर्षित नहीं कर पाता
8 करोड़ नाम-जप
* मृत्यु का भय समाप्त होने लगता है
* साधक आत्मस्वरूप में स्थित होने लगता है
* पूर्ण आत्मज्ञान की अवस्था आने लगती है
* अकाल मृत्यु का नाश बताया गया है
9 करोड़ नाम-जप
* भगवान के सगुण स्वरूप का साक्षात्कार
* वाणी सिद्ध होने लगती है
* नाम के अधिष्ठाता देव प्रकट हो सकते हैं
* अपार दिव्य आनंद प्राप्त होता है
10 करोड़ नाम-जप
* संचित कर्म और पाप भस्म होने लगते हैं
* जन्म-मरण से मुक्ति की अवस्था निकट आती है
* हृदय में निरंतर भगवद्-आनंद रहता है
* प्रारब्ध सहने की शक्ति आती है
11 करोड़ नाम-जप
* सभी सिद्धियाँ और आध्यात्मिक अवस्थाएँ प्राप्त होने लगती हैं
* योग, भक्ति और ज्ञान की ऊँची भूमिकाएँ खुलती हैं
* साधक हर प्रकार से पूर्णता की ओर बढ़ता है
* दिव्य लीलाओं का अनुभव होने लगता है
12 करोड़ नाम-जप
* भगवान साधक के अधीन जैसे हो जाते हैं
* साधक अत्यंत उच्च भक्ति अवस्था में पहुँच जाता है
* हर समय दिव्य कृपा का अनुभव होता है
13 करोड़ नाम-जप
* मोक्ष देने की सामर्थ्य बताई गई है
* भगवान के साथ अखंड एकत्व की अवस्था कही गई है
* नाम ही जीवन बन जाता है
* साधक पूर्ण कृपा और सिद्धि को प्राप्त करता है