...
514 views
9 hours ago
#सतगुरू देव जी के उपदेश #हैं_काम_आदमीका_औरोंके_काम_आना.. 🌼🌼🌼 यह सभी जानते हैं रोटी,कपड़ा,शिक्षा,चिकित्सा और मकान - जब ये पांचों जरूरतें पूरी होंगी,तो इंसान अपराध की राह छोड़ देगा। संत रामपाल जी महाराज का यह विजन दुनिया से भ्रष्टाचार और लूटखसोट खत्म कर स्थायी शांति लाएगा। हमारा नारा होना चाहिए- 'है काम आदमी का ओरों के काम आना।' Merciful Sant Rampal Ji जरूरतमंद को बांटकर खाने के इस बात का समर्थन हमारे पवित्र शास्त्र गीता जी भी करती हैं आइये देखें, गीता जी के अध्याय 3 के श्लोक 12 इष्टान् भोगान्, हि, वः, देवाः, दास्यन्ते, यज्ञभाविताः, तैः दत्तान्, अप्रदाय, एभ्यः, यः, भुङ्क्ते, स्तेनः, एव, सः।।12।। अनुवाद : - (हि) क्योंकि (इष्टान्) उस यज्ञों में प्रतिष्ठित इष्टदेव अर्थात् पूर्ण परमात्मा को (भोगान्) भोग लगाने से मिलने वाले प्रतिफल रूप भोगों को (वः) तुमको (यज्ञभाविताः) यज्ञों के द्वारा फले (देवाः) देवता (दास्यन्ते) इसका प्रतिफल देते रहेगें। (तैः) उनके द्वारा (दत्तान्) दिये हुए "भौतिक सुख को (यः) जो (एभ्यः) इनको (अप्रदाय) बिना दिये अर्थात् यज्ञ दान आदि नहीं करते (भुङ्क्ते) स्वयं ही खा जाते हैं,(सः) वह (एव) वास्तव में (स्तेनः) चोर हैं। ✓✓✓ सच्चा समाजसुधारक,महान् सन्त रामपाल जी महाराज और गरीबों के लिए वरदान बनी उनके अन्नपूर्णा मुहिम के विषय में और अधिक जानकारी हेतु सपरिवार देखिए साधना टीवी चैनल सायं 07:30 pm.