कौशल राजेश
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18 days ago
मैं तो कहीं रुकता ना था तुमने ही हाथ पकड़ कर बिठाया मुझको.......................................................! किश्तों में खर्च होता रहा आपकी आँखों के जंगलों ने यू भटकाया मुझको…..................!! #📒 मेरी डायरी कुश ✍️✍️