vaibhav Swami
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17 hours ago
✨ इज्जत… ये सिर्फ शब्द नहीं, एक वचन होता है… स्वयं महादेव ने भी अपनी अर्धांगिनी को हर रूप में सम्मान दिया— चाहे वो शांत पार्वती हों, या प्रचंड शक्ति का स्वरूप… क्रोध में भी मर्यादा नहीं टूटी, और प्रेम में भी स्वाभिमान कम नहीं हुआ… क्योंकि शिव का प्रेम अधिकार नहीं, स्वीकार होता है… जहाँ पत्नी वस्तु नहीं, शक्ति का रूप मानी जाती है… वो रिश्ता ही क्या… जहाँ प्यार हो पर इज्जत ना हो… और वो भक्ति भी अधूरी है, जहाँ शिव हों… पर शक्ति का मान ना हो… महादेव सिखाते हैं— सच्चा प्रेम वही है, जहाँ दोनों एक-दूसरे को ऊँचा उठाएं, ना कि एक-दूसरे को छोटा करें… इसलिए— इज्जत देना भी भक्ति है… और उसे निभाना ही असली तपस्या… #🙏 प्रेरणादायक विचार #🌷शुभ सोमवार #🌞 Good Morning🌞 #🕉 शिव भजन #🕉 ओम नमः शिवाय 🔱