❣️𝑲𝒖𝒎𝒂𝒓💞 𝑹𝒂𝒖𝒏𝒂𝒌💞 𝑲𝒂𝒔𝒉𝒚𝒂𝒑❣️
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22 hours ago
👑 ग्रहों के राजा 'सूर्य' के कुछ खास रहस्य जो हर किसी को जानने चाहिए। क्या आपको भी मिलेगा राजसुख? 🚩 ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को नवग्रहों का 'राजा' माना गया है। संपूर्ण विश्व को ऊर्जा देने वाले सूर्य देव हमारी जन्म कुंडली में भी हमारी सफलता, स्वास्थ्य और मान-सम्मान के सबसे बड़े निर्धारक होते हैं। आइये जानते हैं कुण्डली में सूर्य का महत्व: 🔸 मुख्य कारक: सूर्य हमारी आत्मा, पिता, पराक्रम, मान-सम्मान, नेतृत्व क्षमता और सरकारी कार्यों (Government favors) के कारक हैं। 🔸 राशियाँ: सूर्य मेष राशि में 'उच्च' (सबसे बलवान), तुला राशि में 'नीच' (दुर्बल) होते हैं। सिंह इनकी अपनी (स्वराशि) है। 🔸 मित्र व शत्रु: चंद्र, मंगल और गुरु इनके मित्र हैं, जबकि शुक्र और शनि शत्रु माने गए हैं। 🌟 कुण्डली में सूर्य से बनने वाले कुछ चमत्कारी योग: ✨ बुधादित्य योग: जब कुंडली में सूर्य और बुध एक साथ हों, तो व्यक्ति अत्यंत बुद्धिमान, चतुर और समाज में विख्यात होता है। ✨ वेशि योग: सूर्य से दूसरे भाव में यदि शुभ ग्रह हों, तो जातक सुखी, अच्छा वक्ता, धनवान और जनता का चहेता होता है। ✨ दशम भाव का चमत्कार: जिसके दसवें भाव में सूर्य (विशेषकर मेष राशि में) हो, वह व्यक्ति शासन-सत्ता में उच्च पद प्राप्त करता है और राजा के समान प्रभावशाली होता है। ⚠️ ध्यान दें: यदि कुण्डली में सूर्य नीच (तुला) राशि में हो या राहु/शनि से पीड़ित हो, तो व्यक्ति को सिरदर्द, नेत्र रोग, पिता को कष्ट या राजकार्य (सरकारी कामों) में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में सूर्य देव की उपासना अत्यंत फलदायी होती है। 🙏 ॐ सूर्याय नम: 🙏 🚩।। जय जय सियाराम ।।🚩 🚩।। जय बजरंगबली ।।🚩 . 🚩 !! जय जय श्री राम !!🚩 ➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ ऐसी ही अनेकानेक पोस्ट पाने के लिये हमारे फेसबुक पेज ‘शिव पुराण ’ को फॉलो और लाईक करें हमारा पेज का लिंक हमारी फेसबुक पर देखें। फेसबुक लिंक– https://www.facebook.com/share/16z3CgT2xK/ #🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏 #🚩जय श्रीराम🙏 #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #👏भगवान विष्णु😇 #🌺राधा कृष्ण💞 https://www.facebook.com/share/17k2bcrKp8/