Chetan Kumar Koli
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8 hours ago
उनके हाथ में आई हर चीज़ को जैसे पंख लग जाते थे... ताकि हम उड़ना सीख सकें। बचपन की वो शरारतें याद हैं? जब छुपाई हुई टेस्ट कॉपी अचानक सफाई में मिल जाती या डिनर से पहले किचन में हमारी 'चोरी' पकड़ी जाती, तब अचानक हवा में तैरती चप्पल, रिमोट या गुरुत्वाकर्षण को चुनौती देता वो बेलन प्रकट हो जाता था। हमें सही-गलत का फर्क समझाने की उनकी अपनी एक अनूठी भाषा थी। शायद वही हमारा पहला सबक था कि कर्मों का फल तुरंत मिलता है। माँ का वो निशाना कभी खाली नहीं गया-चाहे वो शरारत रोकना हो या हमें सही रास्ते पर रखने की उनकी ज़िद। उन्होंने हमें अनुशासन की उस आग में तपाया, ताकि हम कुंदन बन सकें। आज हमारी हर कामयाबी और हमारा सँभाला हुआ चरित्र, दरअसल उन्हीं 'उड़ती हुई नसीहतों' की देन है। उस 'सख्त प्यार' को नमन, जिसने आज हमें आसमान छूने के काबिल बनाया। हैप्पी मदर्स डे #👩‍👦‍👦मदर्स डे Status⏳ #💖हैप्पी मदर्स डे👩‍👦‍👦🫂 #👩🏻माँ का प्यार 😍🫂 #❤️मेरी माँ मेरी दुनिया ❤️ #👩 मेरी माँ