"दूरियों का अब कोई एहसास नहीं, बस आपकी बाहों का घेरा है,
आपकी गोद में सर रखकर सोया है दिल, यही जन्नत का सवेरा है।
ज़माने की कोई फ़िक्र नहीं, न ही अब कोई तन्हाई है,
ऐसा लगता है जैसे मेरी रूह आज आपकी रूह में समाई है।"
शुभ रात्रि जी राधे-राधे ❤️
#राधे राधे बरसाने वाली राध