🥀💔
अब मुझ पर हक़ न जताना तुम,
तेरे हिस्से का मर चुका हूँ मैं…
बेईमानी भी तेरे इश्क़ ने सिखाई थी,
तू पहली चीज़ थी जो माँ से छुपाई थी…
जो गुनाह तेरे नाम पर किए मैंने,
उनकी सज़ा भी खुद ही भुगत चुका हूँ मैं…
तू कहती रही, “सब ठीक हो जाएगा”,
हर झूठ पर बस मुस्कुराता रहा हूँ मैं…
तेरी हर ज़िद को इबादत मानकर,
अपनी हर ख़्वाहिश को दफ़नाता रहा हूँ मैं…
अब जो मुझे ख़ामोश सा समझती है तू,
तेरी हर बात का जवाब दे चुका हूँ मैं…
और अब जो कहती है तू—मैं बदल गया हूँ,
हाँ… तेरी ही कहानी बनकर जला हूँ मैं…
#sayri #sad