Neelesh Mehra
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28 days ago
#रोटीकपड़ा_चिकित्सा_शिक्षामकान संत की पहचान उसके वस्त्र या आडंबर से नहीं, बल्कि उसके कर्मों से होती है। यह बात संत रामपाल जी महाराज जी ने पूरे विश्व को करके दिखा दी। बाढ़ पीड़ित हर राज्य, हर गांव में बिना भेदभाव सहायता पहुँचना, डूबे हुए खेतों को फिर से फसल योग्य बनाना, वर्षों से रोगों से पीड़ित लोगों को राहत दिलाना—यह कोई साधारण मानव नहीं कर सकता। अन्नपूर्णा मुहिम चलाकर रोटी, कपड़ा, शिक्षा, मकान और दवाइयों तक की व्यवस्था करना, यह तो केवल पूर्ण परमात्मा की पहचान है। ऐसे सच्चे संत को कोटि-कोटि नमन, जिन्होंने मानवता को फिर से जीना सिखा दिया।