✨ महात्मा का आखिरी सन्देश: जो कठोर है, उसका विनाश निश्चित है! ✨
(दांत और जीभ की यह छोटी सी कहानी आपकी आँखें खोल देगी) 👇
ऋषिकेश के एक प्रसिद्ध और वयोवृद्ध महात्मा का अंत समय निकट आ गया था। एक दिन उन्होंने अपने सभी शिष्यों को पास बुलाया और कहा- "प्रिय शिष्यों! मेरा शरीर अब जीर्ण हो चुका है। आज जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेगा, तब मैं इस देह को त्याग दूँगा।" 🌿
यह सुनकर सभी शिष्य रोने और विलाप करने लगे। गुरु जी ने उन्हें शांत किया और मृत्यु के इस अटल सत्य को स्वीकारने को कहा।
तभी एक शिष्य ने नम्रता से पूछा- "गुरु जी, क्या आज जाते-जाते आप हमें कोई अंतिम शिक्षा नहीं देंगे?" गुरु जी मुस्कुराए और बोले- "अवश्य दूँगा! मेरे निकट आओ और मेरे मुख में देखकर बताओ... तुम्हें इसमें क्या दिखाई दे रहा है, जीभ या दाँत?"
शिष्य ने पास आकर गौर से देखा और बोला- "गुरुदेव! आपके मुख में तो अब केवल जीभ ही दिखाई दे रही है।" गुरु जी ने पूछा- "अच्छा बताओ, इन दोनों में से जन्म के समय पहले कौन आया था?"
शिष्य ने उत्तर दिया- "पहले तो जीभ ही आई थी।"
गुरु जी ने पुनः प्रश्न किया- "और दोनों में से कठोर कौन था?"
शिष्य बोला- "जी, कठोर तो दाँत ही थे।" 🦷
🌟 कथा का गहरा सार (गुरु जी का अंतिम ज्ञान):
तब गुरु जी ने एक बहुत ही गहरी बात कही- "देखो शिष्यों! दाँत जीभ के बाद आए, आयु में छोटे थे और बहुत कठोर भी थे... फिर भी वे जीभ से पहले ही टूटकर चले गए। जबकि विनम्र, कोमल और संवेदनशील जीभ जन्म से लेकर मृत्यु तक जीवित और साथ है।" 👅
"इस संसार का भी यही नियम है... जो क्रूर है, कठोर है और जिसे अपनी ताकत, पद या ज्ञान का घमंड है, उसका अंत बहुत जल्दी हो जाता है। इसलिए हमेशा जीभ की तरह सरल, विनम्र और प्रेमपूर्ण बनो। अपने अच्छे कर्मों से इस धरती को सींचो... यही मेरा आखिरी सन्देश है।" 🌸
. 🪷।। राधे राधे ।।🪷
. !! जय जय श्री राधे-कृष्ण !!
➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶
ऐसी ही अनेकानेक पोस्ट पाने के लिये हमारे फेसबुक पेज ‘शिव पुराण ’ को फॉलो और लाईक करें हमारा पेज का लिंक हमारी फेसबुक पर देखें।
फेसबुक लिंक–
https://www.facebook.com/share/16z3CgT2xK/
#🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏 #🚩जय श्रीराम🙏 #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #👏भगवान विष्णु😇 #🌺राधा कृष्ण💞
https://www.facebook.com/share/17k2bcrKp8/