#💭माझे विचार #😇माझे अनमोल विचार✍ #☺️सकारात्मक विचार #☺️प्रेरक विचार
✿•┅━꧁🌹सुप्रभात 🌹꧂━┅•✿
✿ मंगळवार दि. २१ एप्रिल २०२६✿
✿वैशाख शु. चतुर्थी शके १९४८✿
✿ विक्रम सवत्सर २०८२ ✿
✿ शिवशक ३५२ ✿
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ஜ۩۞۩ संस्कृत सुभाषितमाला ۩۞۩ஜ
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न योऽभ्यसुयत्यनुकम्पते च न दुर्बलः प्रातिभाव्यं करोति ।
नात्याह किञ्चित् क्षमते विवादं सर्वत्र तादृग् लभते प्रशांसाम् ॥
भावार्थ : जो व्यक्ति किसी की बुराई नही करता, सब पर दया करता है, दुर्बल का भी विरोध नही करता, बढ-चढकर नही बोलता, विवाद को सह लेता है, वह संसार मे कीर्ति पाता है ।
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