त्रिकुट पर्वत वासिनी, कलियुग की आधार।
शरण पड़ा जो आ गया, कर देतीं उद्धार।। 🙏✨
जम्मू की पावन पहाड़ियों में विराजित माँ वैष्णो देवी केवल एक आस्था नहीं, बल्कि इस कठिन कलियुग में हम सबका सबसे बड़ा सहारा हैं। 🏔️
इस दोहे का गहरा अर्थ:
🚩 त्रिकुट पर्वत वासिनी: तीन चोटियों वाले साक्षात् शक्ति स्वरूप पर्वत पर माँ का वास है।
🌍 कलियुग की आधार: जब दुनिया में अधर्म और अशांति बढ़ती है, तब माँ ही मानवता की रक्षा का मुख्य स्तंभ बनती हैं।
🙌 शरणागत वत्सल: माँ के दरबार में ऊंच-नीच का भेद नहीं। जो अहंकार छोड़कर माँ के चरणों में शीश झुकाता है...
💫 उद्धार: माँ न केवल उसके कष्ट हरती हैं, बल्कि उसे मानसिक शांति और मोक्ष का आशीर्वाद भी देती हैं।
जीवन की नैया जब भी डगमगाए, बस एक ही नाम पुकारें— जय माता दी! ❤️
. !! जय जय श्री महाकाली !!
➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶
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