ramavtar
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3 days ago
GodMorningSaturday आदर अनादर, करो क्यों न कोई! मम संत शरण, जगत जान छोई! मेरी शरण में आकर चाहे तुम्हारी कोई इज्जत करे या बेज्जती करे तुम चिंता ना करना। मेरी शरण में जो आ गया तो जगत तो समझो राख है। यह बकवाद ही किया करते हैं, पर आने दो मेरा समय में अपने भक्त के साथ खड़ा पाऊंगा!! ##sant rampal ji maharaj