राधे,,,,,🌷🌹🩷❤️🩹एहसासों के अंदर जो इक सोन चिरैया गाती है।।
रंग बदलते ही मौसम का तितली सी बल खाती है,,🌹🌷❤️🩹🩷
पहले पहले वृंदावन सी बेहद पावन लगती जो,
धीरे धीरे वही मुहब्बत खजुराहो हो जाती है।।।🌷🌹🩷❤️🩹
🌹🌷❤️🩹🩷
जो पीड़ा से छुपा लिया था वो सारा उल्लास रखा है।
पतझड़ के हाथों से छीना थोड़ा सा मधुमास रखा है।।🌷🌹🩷❤️🩹
इक मुद्दत से बंटे हुए हैं हम घर के बंटवारे जैसे,,
तन है केवल पास हमारे मन तो उसके पास रखा है।🌷🌹🩷❤️🩹कान्हा
दिल से राधे राधे जी
#🎵 राधा-कृष्ण भजन 🙏