कवि सुमित मानधना 'गौरव' ( "कुछ मेरी कलम से ")
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10 days ago
प्रेमिका प्रेमी से कह रही है.. तुम्हें खाना पसंद है, मुझे खाना बनाते हुए तुम। तुम्हें कपड़े पसंद है, मुझे कपड़े धोते हुए तुम। बस इतना ही फर्क है, तेरी मेरी हर पसंद में। तुम्हें सब कुछ पसंद है, मुझे सब काम करते हुए तुम। ✍🏻सुमित मानधना 'गौरव'😎 #laughterkefatke