श्री श्री 1008 श्री खींवादास जी महाराज सांगलिया धूनी के उन महान संतों में से हैं, जिनकी आध्यात्मिक आभा, सादगी और मानवता के प्रति प्रेम ने लाखों दिलों को छुआ। सांगलिया पीठ की परंपरा में उनका स्थान बहुत ऊंचा है।
महाराज श्री का जीवन केवल भक्ति तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने समाज के हर वर्ग को गले लगाया, कुरीतियों को दूर किया और शिक्षा व समरसता का संदेश दिया। उनके मुख मंडल का वो शांत, गहरा और दिव्य तेज़ ऐसा था कि जो भी उनके दर्शन करता, उसे एक असीम शांति की अनुभूति होती थी।
आज भी सांगलिया धूनी से जुड़ा हर भक्त उनके विचारों, उनके दिखाए मार्ग और उनके आशीर्वाद को अपने जीवन में महसूस करता है।
जय साहेब की! धन्य है यह पावन धरा और यहाँ के संत।
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