जो हमारे प्रभु यीशु मसीह से अमर प्रेम रखते हैं, उन सब पर अनुग्रह होता रहे।
(इफिसियों 6:24)
मसीह के प्रति सच्चा प्रेम केवल बाहरी दिखावा नहीं, बल्कि हृदय की सच्ची भक्ति है। पौलुस अपने पत्र को इस आशीष के साथ समाप्त करता है, जो उन लोगों पर ठहरती है जिनका प्रेम निष्कपट और बिना किसी दिखावे का होता है। ऐसा प्रेम परीक्षाओं में स्थिर और सेवा में नम्र होता है।
मरियम बैतनियाह की ओर ध्यान दें। वह यीशु के चरणों में बैठकर शुद्ध और ध्यानपूर्ण मन से उसकी बातें सुनती थी। बाद में उसने बहुमूल्य इत्र से उनका अभिषेक किया, न कि किसी प्रशंसा के लिए, बल्कि गहरे प्रेम के कारण। उसकी सच्चाई प्रभु को प्रिय लगी।
जब हमारा प्रेम मसीह के लिए सच्चा और एकनिष्ठ होता है, तब उसका अनुग्रह हमारे जीवन को घेरे रहता है, और प्रतिदिन हमारा मार्गदर्शन, सामर्थ्य और सहारा बनता है।
डॉ. जॉनसन चेरियन #🙏🏼 ഭക്തി #✝ ബൈബിൾ വചനം #😇 എന്റെ യേശു