संत रामपाल जी के अनुसार, वेदों में परमात्मा का नाम 'कविर्देव' यानी कबीर बताया गया है। ऋग्वेद मण्डल 9, सूक्त 96, मंत्र 17 में लिखा है कि पूर्ण परमात्मा कविर्देव शिशु रूप में अवतरित होता है और कविताओं, दोहों के माध्यम से अपना तत्वज्ञान प्रचारित करता है। जिससे वह एक प्रसिद्ध कवि भी कहलाता है और वेदों की यह लीला भी काशी वाले कबीर जी ने की इसलिए वे भगवान हैं।
#Kabir is God