हम एक ऐसी दुनिया में जी रहे हैं,जहाँ “सब ठीक है”एक आदत है—एक मुखौटा।कोई पूछता है— “कैसे हो?”🤔और हम कह देते हैं— “ठीक हूँ।”🙁चाहे अंदर साँस लेना भी भारी क्यों न लगे।पर सच ये है—☝️हर दिन एक जैसा नहीं होता।जैसे मौसम बदलता है—🌨️कभी धूप, कभी छाँव, कभी बादल।दोनों रूप असली है,दोनों रूप ज़रूरी भी है।ठीक न होना गलती नहीं है—ये इस बात का सबूत है🦋कि तुम महसूस करते हो।रोना, टूटना, थकना—ये weakness नहीं,❌ज़िंदा होने के निशान हैं।फिर भी हम मान लेते हैं,कि बाकी सब ठीक हैं,बस हम ही उलझे हुए हैं।यही भ्रम सबसे भारी है।हर वक्त मज़बूत रहना ज़रूरी नहीं—कभी बिखरना भी एक प्रक्रिया है,जो तुम्हें फिर से जोड़ती है।याद रखो—रात का अँधेरा ही🌒सितारों को दिखने लायक बनाता है...।💐
#🙂Motivation #🙂सत्य वचन #💭माझे विचार #👍लाईफ कोट्स