*From the Desk of CEO - Think Insurance*
*Vineet Suman Saini*
पहले एक कमाता था, दस खाते थे... फिर भी खुश थे।
क्यों? असली सामाजिक सर्कल था। सुख-दुख में लोग साथ थे। संतोष था।
आज 5000 फ्रेंड्स हैं, पर रात 2 बजे बात करने वाला कोई नहीं।
शादी में रील बनाने जाते हैं, आनंद लेना भूल गए। _दिखाना_ याद है।
*एक दूसरे की बात करने से अच्छा है, एक दूसरे से बात करें।*
*3 सवाल खुद से:*
1. आखिरी बार बिना काम के दोस्त से 1 घंटा कब बोले?
2. फोन रखकर परिवार के साथ खाना कब खाया?
3. कमा रहे हैं, पर जीना भूल तो नहीं गए?
*3 छोटे कदम:*
1. *डिजिटल फास्ट*: रोज 1 घंटा फोन साइलेंट। आंख मिलाकर बात।
2. *पुराना सर्कल*: हफ्ते में 1 दिन पड़ोसी के घर चाय। बिना वजह।
3. *कृतज्ञता*: सोने से पहले 3 चीजें लिखो जिनके लिए शुक्रगुजार हो।
*कनेक्ट होना और कनेक्शन दिखाना - दो अलग बात हैं।*
इस हफ्ते आप कौन सा 1 बदलाव लाओगे?
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