कवि सुमित मानधना 'गौरव' ( "कुछ मेरी कलम से ")
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9 days ago
पत्नी और हेलमेट दोनों एक समान हैं। सिर पर बिठाने से बची रहती जान हैं। ना करना इन्हें माथे से उतारने की भूल, संकट में पड़ सकते तुम्हारे प्राण हैं। ✍🏻सुमित मानधना 'गौरव'😎 #laughterkefatke