एक विचार से वैश्विक आंदोलन वसुधैव कुटुम्बकम्विश्व सांस्कृतिक महोत्सव के माध्यम से, लाखों लोग एक परिवार के रूप में एकजुट होते हैं, सीमाओं से परे, भेदभाव से परे।बेंगलुरु से बर्लिन, नई दिल्ली से वॉशिंग्टन डी.सी. तक, संस्कृतियाँ सिर्फ सह-अस्तित्व में नहीं थीं, बल्कि एक-दूसरे का उत्सव मना रही थीं।यह है हमारा संयुक्त प्रयास। यह है हमारी दुनिया!
#🔱गुरुदेव श्री श्री रविशंकर🙏