आध्यात्मिक दार्शनिक भक्ति रचना, शरणागति: माँ में ईश्वर का साक्षात्कार- मैं तेरा हूँ माँ, Sharanagati: Maa mein Ishwar ka Saakshatkar-Main Tera Hoon Maa,
जब साधक पूर्ण आत्मसमर्पण और निष्कपट प्रेम का भाव व्यक्त करता है तब वह कहता है कि मै तो चाहता हूँ कि माँ चाहे तो हमे इस संसार से भी ले जाए मुझे कोई अफसोस नहीं क्योंकि वह स्वयं को माँ का दुलारा मानता है और वह सोचता है मैं तुम्हारा हूँ जो तुम्हारी इच्छा वही होगा,इसी भाव को भक्ति मार्ग में शरणागति का प्रतीक माना जाता है। #मेरी हृदय मेरी माँ
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