*!! गुरु अमरदास जी पातशाह जी आप जी खुद ही जवाब दे रहे है जैसे हमारी समज बड़े*
*जवाब* :-
*जिसु आपि बुझाए आपि सु हरि मारगि पाईऐ ॥ गुरि पूरै वेखालिआ गुर सेवा पाईऐ ॥*
*भाव :-*
*जवाब :- जिस मनुष्य को खुद प्रभू समझ बक्शता है, वह प्रभू की राह पर चलता है, पूरे गुरू ने ही उसका दीदार भाव दर्शन करवाया है , गुरू की बताई हुई सेवा भाव सिमरन करने से ही वह परमात्मा मिलता है !!*
#🙏ਸਤਿਨਾਮ ਵਾਹਿਗੁਰੂ 🙏 #🙏 ਸ਼ੁਕਰ ਦਾਤਿਆ