renu malviya
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14 hours ago
तैमूर लंग को कबीर परमात्मा ने 'जिंदा महात्मा' के रूप में तब दर्शन दिए थे, जब वह भेड़-बकरियाँ चरा रहा था। संत गरीबदास जी ने कहा है: गरीब, तैमूरलंग को तालिब मिले, एक रोटी की चाहय। जिंदा रूप कबीर धरहीं, सुनी तैमूरलंग की माय।। गरीब, हिंद जिंद सब ही दी, सेतबंध लग सीर। गढ़गजनी ताबे करी, जिंदा इसम कबीर।। - अमरग्रन्थ साहिब, पृष्ठ 294 #kabir is real god