sn vyas
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20 hours ago
#❤️जीवन की सीख 🪾🪾🪾🪾🪾🪾🪾🪾🪾 🌸 सुप्रभातम् नृपस्य चित्तं, कृपणस्य वित्तम; मनोरथाः दुर्जनमानवानाम् । त्रिया चरित्रं, पुरुषस्य भाग्यम; देवो न जानाति कुतो मनुष्यः ।। ● 'राजा का चित्त, कंजूस का धन, दुर्जनों का मनोरथ, पुरुष का भाग्य और स्त्रियों का चरित्र देवता तक नहीं जान पाते तो मनुष्यों की तो बात ही क्या है?' जय श्री कृष्ण🙏🏻 🪾🪾🪾🪾🪾🪾🪾🪾🪾