#सत_भक्ति_सन्देश धर्म, भाषा
सीमाओं में बँटे हैं,
लेकिन हमारा 'सृजनहार' एक ही है।
जब खून का रंग एक है, तो नफरत की दीवारें क्यों?
संत रामपाल जी महाराज कहते हैं
जीव हमारी जाति है, मानव धर्म हमारा। हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई, धर्म नहीं कोई न्यारा।।
आइए विश्व शांति के इस महा अनुष्ठान से जुड़ें 1, 2, 3 मई 2026