श्रीRam
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12 days ago
चौपाई : *तरु पल्लव महँ रहा लुकाई। करइ बिचार करौं का भाई॥* *तेहि अवसर रावनु तहँ आवा। संग नारि बहु किएँ बनावा॥1॥* भावार्थ:-हनुमान्‌जी वृक्ष के पत्तों में छिप रहे और विचार करने लगे कि हे भाई! क्या करूँ (इनका दुःख कैसे दूर करूँ)? उसी समय बहुत सी स्त्रियों को साथ लिए सज-धजकर रावण वहाँ आया॥1॥ *बहु बिधि खल सीतहि समुझावा। साम दान भय भेद देखावा॥* *कह रावनु सुनु सुमुखि सयानी। मंदोदरी आदि सब रानी॥2॥* भावार्थ:-उस दुष्ट ने सीताजी को बहुत प्रकार से समझाया। साम, दान, भय और भेद दिखलाया। रावण ने कहा- हे सुमुखि! हे सयानी! सुनो! मंदोदरी आदि सब रानियों को-॥2॥ *तव अनुचरीं करउँ पन मोरा। एक बार बिलोकु मम ओरा॥* *तृन धरि ओट कहति बैदेही। सुमिरि अवधपति परम सनेही॥3॥* भावार्थ:-मैं तुम्हारी दासी बना दूँगा, यह मेरा प्रण है। तुम एक बार मेरी ओर देखो तो सही! अपने परम स्नेही कोसलाधीश श्री रामचंद्रजी का स्मरण करके जानकीजी तिनके की आड़ (परदा) करके कहने लगीं-॥3॥ *सुनु दसमुख खद्योत प्रकासा। कबहुँ कि नलिनी करइ बिकासा॥* *अस मन समुझु कहति जानकी। खल सुधि नहिं रघुबीर बान की॥4॥* भावार्थ:-हे दशमुख! सुन, जुगनू के प्रकाश से कभी कमलिनी खिल सकती है? जानकीजी फिर कहती हैं- तू (अपने लिए भी) ऐसा ही मन में समझ ले। रे दुष्ट! तुझे श्री रघुवीर के बाण की खबर नहीं है॥4॥ *सठ सूनें हरि आनेहि मोही। अधम निलज्ज लाज नहिं तोही॥5॥* भावार्थ:-रे पापी! तू मुझे सूने में हर लाया है। रे अधम! निर्लज्ज! तुझे लज्जा नहीं आती?॥5॥ दोहा : *आपुहि सुनि खद्योत सम रामहि भानु समान।* *परुष बचन सुनि काढ़ि असि बोला अति खिसिआन॥9॥* भावार्थ:-अपने को जुगनू के समान और रामचंद्रजी को सूर्य के समान सुनकर और सीताजी के कठोर वचनों को सुनकर रावण तलवार निकालकर बड़े गुस्से में आकर बोला-॥9॥ *🙏🪷 सुन्दर काण्ड 🪷🙏* *🌹 जय सियाराम जय राधेश्याम 🌹* *🙏 पार्वती शिव जय हनुमान 🙏* *🙏🌹 ॐ श्री सद्गुरवे नमः 🌹🙏* *सीता राम राम राम सीता राम राम राम* *सीता राम राम राम सीता राम राम राम* *🙏 🪷 जय जय सियाराम 🪷 🙏* 🌹🎋🌞🌿🥀🙏🙏🙏🥀🌿🌞🎋🌹 प्रभु श्रीराम, जनकनंदिनी माता सीता, एवं माँ अंजनि के लाल,वीर महावीर, पवन पुत्र, भक्त सीरोमण श्री हनुमान जी महाराज का आशीर्वाद व दया दृष्टि सभी भक्तजनों एवं उनके परिवार पर बनी रहे, 🌹🎋🌞🌿🥀🙏🙏🙏🥀🌿🌞🎋🌹 आपका दिन शुभ और मंगलमय हो, 🌞जय श्री राम🏹🌹🚩🚩🚩 📍जयजय हनुमानजी महाराज 🙏🚩🚩🚩 🌿जय हो सुडसर धाम की 🙏🚩🚩🚩 🌹🎋🌞🌿🥀🙏🙏🙏🥀🌿🌞🎋🌹 #ॐ #जय #ॐनमःशिवाय #जयमातादी #जय_श्री_राम #राम #ॐ_हं_हनुमंते_नमः #hanuman #bhakti #मंगलवार #शनिवार #सनातन # #सुबह #सुप्रभात 🌹🙏#श्रीराम_मोहता का #राम_राम_सा 🙏🌹 @everyone #श्रीराम_मोहता🌹🙏