neelam singhal
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2 days ago
कान्हा आपने मुझसे वो सब लिया, जिससे मैं बंधी हुई थी— डर, मोह, अपेक्षाएँ… और बदले में दिया साहस, धैर्य और आप पर अटूट विश्वास। अब समझ आया कान्हा आपका छीनना सज़ा नहीं था, वो तो मुझे मेरे असली स्वरूप तक पहुँचाने का मार्ग था। #🤗जया किशोरी जी🕉️