बालु राम कुमावत "गौपाल"
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1 months ago
गाय माता के स्वरूप में 33 कोटि देवी-देवताओं का वास है, और नंदी भगवान धर्म मूलरूप है अर्थात् गौसेवा ही साक्षात् ईश्वर की पूजा है, ऐसा चार वेद, छः शास्त्र, अठारह पुराण और उपनिषद (छांदोग्य..), महाकाव्य (रामायणजी, महाभारतजी..), स्मृति (मनुस्मृति..), श्रुति में वर्णित है। #गौमहिमा