दुनिया जिसे 'मित्रता और भक्ति' का उदाहरण कहती है, वह केवल एक दंतकथा है। सुदामा जी तो कृष्ण जी के चरित्र से ही असंतुष्ट थे, इसीलिए वे जीवन भर द्वारका जाने से बचते रहे। जानिए, सुदामा जी के मन में कृष्ण के प्रति क्या भावना थी? अधिक जानकारी के लिए देखिए कलयुग में सतयुग की शुरुआत — भाग 6, Factful Debates यूट्यूब चैनल पर
#सुदामा_कृष्णजीके_भक्त_नहींथे
Factful Debates Yt Channel
#SantRampalJiMaharaj🙏🙏