Purshottam Lal
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2 days ago
प्रातः कालीन प्रभु श्रीरामलला अयोध्या धाम के अलौकिक दिव्य दर्शन कीजिए 👏। जे हरषहि पर संपति देखी। दुखित होहिं पर बिपति बिसेषी।। जिन्हहि राम तुम्ह प्रानपिआरे।तिन्ह के मन सुभ सदन तुम्हारे।।४।। भावार्थ:- जो दूसरेकी सम्पति देखकर हर्षित होते हैं और दूसरेकी विपत्ति देखकर विशेष रुप से दुःखी होते हैं, और हे राम जी! जिन्हें आप प्राणोंके समान प्यारे हैं, उनके मन रहने योग्य सुभ भवन हैं।।४।। जय श्रीराम 🙏😊🙌🏼🌟🌠💫 #🙏🏻सीता राम