🚨 गौर से पढ़ें — राष्ट्रीय लोक युवा सेना (R.L.Y.S) की देशहित में विशेष चेतावनी 🚨
विषय: देश में सक्रिय "डिजिटल अरेस्ट" और फर्जी CBI/पुलिस व्हाट्सएप फ्रॉड सिंडिकेट का भंडाफोड़!
प्रिय देशवासियों एवं संगठन के समस्त ऊर्जावान पदाधिकारियों,
आज एक बेहद गंभीर विषय पर आप सभी का ध्यान आकर्षित करना चाहता हूँ। आज स्वयं मेरे व्यक्तिगत व्हाट्सएप नंबर पर साइबर अपराधियों द्वारा ठगी का एक बड़ा प्रयास किया गया। कॉलर ने व्हाट्सएप प्रोफाइल पर पुलिस की वर्दी वाली फोटो लगा रखी थी और खुद को CBI (केंद्रीय जांच ब्यूरो) का अधिकारी बता रहा था। संगठन की सजगता और ईश्वर की कृपा से इस फ्रॉड को समय रहते पूरी तरह विफल कर दिया गया, लेकिन इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि ये अपराधी कितने बेखौफ हो चुके हैं।
एक ज़िम्मेदार सामाजिक संगठन का राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के नाते, मेरा यह कर्तव्य है कि मैं इस पूरे काले कारोबार का तरीका आपके सामने रखूँ ताकि समाज का कोई भी निर्दोष नागरिक इनका शिकार न बने।
⚠️ इन अपराधियों का मोडस ऑपेरेंडी (काम करने का तरीका) गौर से समझें:
फर्जी पहचान और वर्दी का रौब: ये अपराधी व्हाट्सएप पर किसी बड़े पुलिस अधिकारी, CBI, या ED (प्रवर्तन निदेशालय) के लोगो या वर्दी वाली फोटो (DP) का इस्तेमाल करते हैं ताकि सामने वाला व्यक्ति पहली नज़र में डर जाए।
विदेशी नंबरों का इस्तेमाल: जैसा कि आज मेरे मामले में हुआ, इनका नंबर +92 (पाकिस्तान का कंट्री कोड) या किसी अन्य अंतर्राष्ट्रीय कोड से शुरू होता है। इंटरनेट कॉलिंग के ज़रिए ये भारत में बैठे लोगों को निशाना बनाते हैं।
'डिजिटल अरेस्ट' का मानसिक खौफ: ये कॉल करके पीड़ित को डराते हैं कि— "आपके आधार कार्ड का गलत इस्तेमाल हुआ है", "आपके नाम से भेजे गए पार्सल में ड्रग्स या हथियार पकड़े गए हैं", या "आपका कोई करीबी कानून के शिकंजे में है।" इसके बाद ये वीडियो कॉल पर बने रहने को कहते हैं और कमरे से बाहर न निकलने की धमकी देते हैं, जिसे ये 'डिजिटल अरेस्ट' कहते हैं।
लाखों की जबरन वसूली: जब पीड़ित पूरी तरह डर जाता है, तो केस रफा-दफा करने या कोर्ट-कचहरी से बचाने के नाम पर ये तुरंत ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाते हैं।
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