#💓 मोहब्बत दिल से क्यों खरीदना जी बाजार की दुकानों में
ये मुफ़्त ही मिल रहा है अपनों की ज़ुबानो में
तमाम चीजें मुहैया कराई घर वालों के लिए
अपनों ने गिना हमको भी घर के सामानों में
अपना घर भी अब पराया सा ही लगने लगा
मतलब ही मतलब बचा है अब तो इंसानों में
यूं नहीं जाता कोई अपनों को छोड़कर कभी
मिल जाए काश चंद खुशियां उसे वीरानो में #📗प्रेरक पुस्तकें📘#📚कविता-कहानी संग्रह#✍मेरे पसंदीदा लेखक#💝 शायराना इश्क़