मैं सच तलाशता रहा उसकी आँखों में.....
और वो लफ़्ज़ों के जाल बनाती रही.....
हकीकत कुछ और थी मगर......
वो ख़्वाबों की चादर बनाती रही....
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
सफ़र मंज़िल का था मगर.....
वो रास्तों के किस्सों में उलझाती रही.....
मैं दिल हारने को तैयार था.....
वो बस वक़्त गुज़ारने के बहाने बनाती रही.....