Episode 4: रहस्यमयी प्रसाद
भगवान की परीक्षा का रहस्य जानने के बाद अर्जुन की श्रद्धा और भी गहरी हो गई।
अगली सुबह वह मंदिर पहुँचा और श्रीकृष्ण के चरणों में प्रणाम किया।
तभी उसने देखा कि मूर्ति के सामने एक छोटा-सा स्वर्णिम डिब्बा रखा है। मंदिर के किसी भी व्यक्ति को उसके बारे में कुछ पता नहीं था।
अर्जुन ने धीरे से डिब्बा खोला।
उसके अंदर एक तुलसी का पत्ता और एक छोटी-सी पर्ची थी।
पर्ची पर लिखा था—
“जो विश्वास रखता है, उसके लिए मैं हमेशा उपस्थित हूँ।”
यह पढ़ते ही अर्जुन की आँखों से आँसू बहने लगे।
उसी क्षण मंदिर में सुगंधित हवा चली, घंटियाँ अपने आप बजने लगीं और पूरा गर्भगृह दिव्य प्रकाश से भर गया।
अर्जुन ने तुलसी का पत्ता अपने माथे से लगाया और मन ही मन श्रीकृष्ण को धन्यवाद दिया।
अब उसे विश्वास हो गया था कि भगवान हर पल उसके साथ हैं, चाहे वे दिखाई दें या नहीं। 🙏
#🛕मंदिर दर्शन🙏 #🙏 देवी दर्शन🌸